बांसवाड़ा (राजस्थान): राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में रविवार की रात रंजिश और खून-खराबे के नाम रही। शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर उदयपुर मार्ग पर स्थित टामटिया और बस्सी आड़ा गांवों में एक युवक की हत्या के बाद भड़की हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया। कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर युवक को मौत के घाट उतारने के बाद दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई आगजनी और पथराव ने सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति पैदा कर दी।

मिलने गया था युवक, घेरकर किया हमला

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, बस्सी आड़ा निवासी गोविंद रविवार रात टामटिया गांव में एक युवती से मिलने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि लड़की के परिजनों ने दोनों को साथ देख लिया, जिससे पुराना विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। आक्रोशित परिजनों ने धारदार कुल्हाड़ी से गोविंद पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रतिशोध की आग: गांवों में मचा तांडव

हत्या की खबर मिलते ही गोविंद के गांव (बस्सी आड़ा) के लोग उग्र हो गए और टामटिया गांव पर धावा बोल दिया। देखते ही देखते हिंसा भड़क उठी:

  • आगजनी: उपद्रवियों ने करीब 10 से 12 घरों और पशुओं के बाड़ों को आग के हवाले कर दिया।

  • चढ़ोतरा: जवाबी कार्रवाई में दूसरे पक्ष ने भी हमला किया, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।

  • वाहनों को नुकसान: उपद्रव के दौरान एक मोटरसाइकिल भी फूंक दी गई।

पुलिस और दमकल को रास्ता देने से इनकार

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए घाटोल, मोटा गांव, लोहारिया और सदर थानों की पुलिस बल के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी गईं। हालांकि, हथियारों से लैस ग्रामीणों ने पुलिस और दमकल कर्मियों का रास्ता रोक लिया, जिससे आग बुझाने के काम में काफी देरी हुई और मकान जलते रहे।


घटनाक्रम का सारांश

समय घटना
रात 8:00 बजे टामटिया गांव में युवक गोविंद की कुल्हाड़ी से हत्या।
रात 9:00 बजे बस्सी आड़ा गांव के लोगों का टामटिया पर हमला, घरों में आगजनी।
रात 10:30 बजे पुलिस और दमकल को ग्रामीणों द्वारा गांवों में घुसने से रोकना।
देर रात भारी पुलिस बल की तैनाती और स्थिति पर आंशिक नियंत्रण।
सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम और मामले की जांच शुरू।