बुद्धम् शरणम्

बुद्धम् शरणम्

साहित्य, कला और संस्कृति के लिए जब बात की जाती है तो महात्मा बुद्ध का नाम उसमें महत्वपूर्ण रूप से सामने आता है। जीवन, दर्शन और समाज को लेकर किए गए उनके कार्य न केवल महत्वपूर्ण हैं बल्कि मानवता को सही राह दिखाने में उनका योगदान अद्वितीय है। संसार उनके इसी व्यक्तित्व को लेकर  उनमें लीन होने की कामना रखता है और इसीलिए यह कहा गया “बुद्धम् शरणम् गच्छामि”।

आज वैश्वीकरण के दौर में आवश्यकता है कि हम नए सिरे से बुद्ध और उनके दर्शन की पड़ताल करें और साहित्यिक और सांस्कृतिक स्वरूप में उनके विराट व्यक्तित्व को नवआयाम दें। इसी उद्देश्य से प्रेरित होकर “बुद्धम् शरणम्” कार्यक्रम का आयोजन गुलाबी नगरी जयपुर के झालाना ऑफिसर्स क्लब में 6 मई को शाम 7 बजे किया गया। इस कार्यक्रम में कविताओं के रंग भी बरसे, जिसमें सभी आगंतुक श्रोता सराबोर नज़र आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयपुर दूरदर्शन के निदेशक रमेश शर्मा थे। अध्यक्ष पर्यटन विभाग के राजेश शर्मा और विशिष्ट अतिथि International Institute for Media and Films के CEO संजय गौड़ थे।

इसमें चिंतक, लेखक, कलाकार, शोधकर्ता और क्रियात्मक अभिरुचि के लोग सम्मिलित हुए और अपनी विषय विशेषज्ञता के अनुरूप संवाद किया।

कार्यक्रम की रूपरेखा के पक्ष इस प्रकार रहे -

  1. बुद्धरचनाओं की सांगीतिक प्रस्तुति
  2. बुद्ध के कलात्मक चित्रों की प्रदर्शनी
  3. बौद्ध विद्वानों की विचार अभिव्यक्ति
  4. बुद्ध जीवन एवं दर्शन परकेंद्रित कविगोष्ठी
  5. आज का समाज और बुद्ध दृष्टि पर विचार विमर्श

इस अवसर पर द पोएट्री रिसाइटल्स के कवि रविंद्र सिंह, प्रवीण झा, रोहित कृष्ण नन्दन, सूर्यप्रकाश उपाध्याय, तपिश खंडेलवाल, मनीष रंजन पाण्डेय, मयंक गुप्ता, भव्य सोनी, नीरा जैन और युवा कवि अरविन्द कुमावत, सोनू श्रीवास्तव, कुशा मलिक, सहित कई कवियों ने महात्मा बुद्ध के सम्मान में अपनी काव्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुधीर सोनी, अनिल मित्तल और डॉ. प्रभात कुमार शर्मा ने आगंतुकों का धन्यवाद दिया।

जयपुर के अंतर्राष्ट्रीय NGO ‘The Dream Welfare Society Jaipur’, मीडिया मिर्ची क्रिएटिव ट्रस्ट और थार के सहभागी स्वरूप में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। The Poetry Recitals और Blue Bucks Production इस कार्यक्रम के आयोजन सहभागी रहे।