पिछले कुछ दिनों से एक समाचार पत्र समूह के कोटा ऑफिस में पत्रकारों के बेहोश होने की खबरें चर्चाओं में हैं | स्थानीय पत्रकारों की मानें तो नए अधिकारी के आने से वहाँ माहौल तनावपूर्ण हो गया है | अप्रेल माह के दूसरे हफ़्ते में डेस्क पर काम कर रहे राकेश शर्मा ने संस्थान से कुछ दिन की छुट्टी मांगी थी, लेकिन संस्थान से उन्हें मना कर दिया गया | इसके बाद सुबह सवेरे उन्हें कराहने की अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया | इससे कुछ हफ़्ते पहले विशेष संवाददाता जग्गू सिंह धाखड भी ऑफिस में बेहोश हो गए थे | कई दिनों तक वे अस्पताल में भरती रहे | कहा जा रहा है कि तनाव के चलते ऐसा हुआ |
कारण चाहे कुछ भी हों, पत्रकारों को तनाव और भागदौड़ के बीच कुछ समय अपने लिए भी निकालना होगा और इसके लिए संस्थानों को भी सोचने की आवश्यकता है |
पत्र का रिता...अर्थात् जो पत्रकार को व्यक्तिगत तौर पर रीता रखती है और वह अपने जीवन में कुछ नहीं लिख पाता..पूरी तरह रीता...वही है पत्रकारिता...
Patrakaro ke mansik tanab ko kare ki aavasykta hai. iske liye kuch karna chahiye.
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