साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था और अयोध्या शोध संस्थान की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 28-29 फरवरी को दिल्ली में

साहित्यिक शोध संस्था मुंबई और अयोध्या शोध संस्थान, अयोध्या के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 28-29 फरवरी 2020 को एन.डी.एम.सी. सभागार, संसद मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का विषय आधुनिकता के संदर्भ में राम एवं कृष्ण कथा का वैश्विक परिदृश्य एवं नई शिक्षा नीति और हिंदी भाषा रखा गया है।

इस सम्मेलन के लिए कुछ प्रमुख उपविषय निर्धारित किए गए हैं –
आधुनिक संदर्भ में रामकथा और कृष्णकथा का वैश्विक संदर्भ

  • रामकथा और कृष्णकथा का सामाजिक विकास में योगदान
  • रामकथा और कृष्णकथा के जरिए आर्थिक विकास
  • रामकथा और कृष्णकथा में वर्णित प्रशासनिक व्यवस्था
  • रामकथा और कृष्णकथा में सामाजिक विज्ञान
  • रामकथा और कृष्णकथा में शिक्षा व्यवस्था
  • योग में रामकथा और कृष्णकथा
  • हस्तशिल्प में रामकथा और कृष्णकथा
  • चित्रकला में रामकथा और कृष्णकथा
  • महाराष्ट्र में रामकथा और कृष्णकथा
  • कर्नाटक में रामकथा और कृष्णकथा
  • आंध्र में रामकथा और कृष्णकथा
  • पंजाब में रामकथा और कृष्णकथा
  • बंगाल में रामकथा और कृष्णकथा
  • पूर्वोत्तर राज्यों में रामकथा और कृष्णकथा
  • गुजरात में रामकथा और कृष्णकथा
  • मध्यप्रदेश में रामकथा और कृष्णकथा
  • राजस्थान में रामकथा और कृष्णकथा
  • केरल की रामकथा और कृष्णकथा
  • अवध की रामलीला
  • वृंदावन में कृष्णलीला
  • थाईलैंड में रामकथा और कृष्णकथा
  • कंबोडिया में रामकथा और कृष्णकथा
  • श्रीलंका में रामकथा और कृष्णकथा
  • अमेरिका में रामकथा और कृष्णकथा
  • मॉरीशस में रामकथा और कृष्णकथा
  • रूस में रामकथा और कृष्णकथा
  • फिजी में रामकथा और कृष्णकथा
  • ऑस्ट्रेलिया में रामकथा और कृष्णकथा
  • अन्य देशों में रामकथा और कृष्णकथा
  • हिंदी की काव्य विधाओं में रामकथा और कृष्णकथा
  • हिंदी की गद्य विधाओं में रामकथा और कृष्णकथा
  • हिंदी की गद्योतर विधाओं में रामकथा और कृष्णकथा
  • रामकथा और कृष्णकथा से समाज में विकास की संभावनाएं
  • रामकथा और कृष्णकथा से निर्मित रोजगार
  • रामकथा और कृष्णकथा से देश में व्याप्त राष्ट्रीय एकता
  • रामकथा और कृष्णकथा के जरिए सर्वधर्म समभाव की भावना
  • रामकथा और कृष्णकथा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण

नई शिक्षा नीति और हिंदी भाषा

  • हिंदी भाषा के विविध कार्यान्वयन
  • हिंदी भाषा के विभिन्न रूप-प्रतिरूप
  • नई शिक्षा नीति और हिंदी
  • राजभाषा हिंदी का कार्यान्वयन
  • सरकारी / प्रशासकीय या कार्यालयीन पत्र-व्यवहार के विविध रूप
  • प्रयोजनमूलक हिंदी के विविध रूप
  • राजभाषा हिंदी के कुछ अन्य प्रमुख प्रकार्य
  • भाषा-प्रौद्योगिकी का स्वरूप
  • भाषा प्रबंधन का स्वरूप
  • हिंदी की शक्ति, सीमा और नवसंकल्पना
  • वैज्ञानिक हिंदी एवं तकनीकी हिंदी प्रबंधन
  • हिंदी की भाषिक प्रकृति
  • विदेशी भाषा के रूप में हिंदी का विकास
  • हिंदी की भाषिक संस्कृति
  • इक्कीसवीं शती में हिंदी
  • हिंदी भाषा का भविष्य और भविष्य की हिंदी
  • विश्वभाषा रूप में हिंदी
  • शोध आलेख ए-4 पेपर पर यूनिकोड/कृतिदेव फॉन्ट में फॉन्ट साइज 16 में टंकित हों। साथ ही पीडीएफ फाइल भी भेजें।
  • शब्द सीमा 1500 शब्द निर्धारित की गई है।
  • पंजीकरण के पश्चात 7 फरवरी 2020 तक शोध सारांश मिलने पर ही स्मारिका में छापे जाएंगे। शोध आलेखों की पुस्तक सम्मेलन के पश्चात प्रकाशित की जाएगी। यह पुस्तक ISBN में प्रिंट कराने की योजना है। इसलिए प्रतिभागियों को सूचित किया जाता है कि समय सीमा में ही कृपया अपने शोध आलेख भेजने की कृपा करें।
  • समग्र आलेख और सारांश ईमेल द्वारा ssrimumbai@gmail.com पर भेजें। दिए गए पते पर हार्ड कॉपी भी भेजें।
  • इस सम्मेलन में सहभागिता के लिए www.shodhsanstha.org पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

पंजीकरण शुल्क –
भारतीय अध्यापक – रुपए 2100/-
भारतीय शोधार्थी/विद्यार्थी – रुपए 1100/-
विदेशी अध्यापक – डॉलर 104/-
विदेशी शोधार्थी / विद्यार्थी – डॉलर 52/-
पत्रकार / साहित्यकार / सामाजिक कार्यकर्ता – रुपए 1600/-


बाहर से आने वाले प्रतिभागी अपने निवास की व्यवस्था स्वयं करें या जो प्रतिभागी निवास व्यवस्था चाहते हैं उन्हें ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था करने में सहयोग किया जा सकता है। होटल में ठहरने का खर्च प्रतिभागी को खुद वहन करना होगा। संगोष्ठी में सहभागी होने की सूचना 15 फरवरी 2020 तक अवश्य देने की कृपा करें। प्रतिभागियों को यात्रा व्यय नहीं दिया जाएगा।

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