'भारत की संस्कृति और मीडिया' विषय पर प्रेरणा विमर्श -2020 (विरासत)

समाज को दिशा देने और संवारने में मीडिया की बड़ी भूमिका हैं। टीवी चैनलों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दौर में ये भूमिका और व्यापक हुई है। ऐसे में भारत की संस्कृति और उसकी संकल्पना से जुड़े कई विषयों पर मीडिया की स्पष्टता को लेकर प्रश्न खड़े होते रहते हैं। बीएचयू में भूत विद्या की पढ़ाई की बात हो, फिल्म ताना जी में भारत के एक राष्ट्र होने की बात हो, धर्म और हिन्दुत्व की अवधारणा हो या फिर भारतीय संस्कृति के रीति-रिवाजों की बात हो मीडिया में इनकी मौलिक संकल्पना को लेकर भ्रम की स्थिति दिखती है।

प्रेरणा विमर्श -2020 (विरासत) एक अवसर है- ‘भारत की संस्कृति और मीडिया’ थीम के अलग-अलग आयामों पर चर्चा करने का। भारत की मौलिक संकल्पना की समझ मीडिया में कैसी है और यह कितनी प्रतिविंबित होती है इस पर विमर्श करने का। इस विशेष मौके पर 7-8-9 फरवरी को मीडिया कॉन्क्लेव, सोशल मीडिया कॉन्क्लेव और फिल्म फेस्टिवल के तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 जनवरी है। कार्यक्रम के दौरान चाय, अल्पाहार और भोजन की व्यवस्था है। पूरे तीन दिन रहने वालों के लिए आवास, अल्पाहार और भोजन की व्यवस्था है। आप नीचे दिए गए लिंक पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क रु 100/- है।
https://tinyurl.com/prernavimarsh

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