“साहित्य, समाज और मीडिया” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 13 नवंबर 2019 को गुरुग्राम में

राजकीय कन्या महाविद्यालय, सेक्टर-14, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजान

“साहित्य, समाज और मीडिया” विषय पर अंतर्विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन राजकीय कन्या महाविद्यालय, सेक्टर-14, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसका आयोजन बुधवार, 13 नवम्बर, 2019 को (बुधवार) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक राजकीय कन्या महाविद्यालय के सभागार संख्या-42 में किया जाएगा।

संगोष्ठी के लिए शोधार्थियों, व्याख्याताओं और विषय विशेषज्ञों से शोध-पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक व्यक्ति अपना शोधपत्र gcgsemhin@gmail.com पर भेजें। अपना शोध पत्र कृपया 1500-3000 शब्द में ही भेजें।

पंजीकरण शुल्क
प्राध्यापक – रुपए 500/-
शोधार्थी/विद्यार्थी – रुपए 200/-

आलेख संबंधित निर्देश
1. शोध-पत्र का सार-संक्षेप 4 नवम्बर तक ईमेल के माध्यम से अवश्य भेज दें।
2. आलेख टंकण कार्य यूनिकोड/कृतिदेव 10 में करें।
3. चयनित शोध-पत्रों को एक पुस्तक के रूप में (ISBN No) के साथ प्रकाशित किया जाएगा, जिसके लिए इच्छुक व्यक्तियों को पंजीकरण के अतिरिक्त रुपए 800/- शुल्क देय होगा।
4. शोध पत्र के अंत में अपना नाम, घर/कॉलेज का पता, पिनकोड सहित, मोबाइल नं. , ईमेल अवश्य लिखें।
5. अपने आगमन की सूचना 5 नवम्बर 2019 तक अवश्य दें।
6. प्रतिभागियों को इस महाविद्यालय से किसी प्रकार का दैनिक या यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।पंजीकरण के समय अपने शोध पत्र की हार्ड कॉपी जमा करवानी अनिवार्य है।
7. किसी भी शोध-पत्र को गुणवत्ता के स्तर पर स्वीकृत/अस्वीकृत करने का अधिकार आयोजन समिति का है।

उप-विषय
1. साहित्य और मीडिया ।
2. हिन्दी साहित्य समाज में मीडिया की भूमिका।
3. समाज के उत्थान में साहित्य और मीडिया की भूमिका।
4. साहित्य और मीडिया का अंतर्संबंध।
5. सोशल मीडिया पर अनावश्यक सामग्री।
6. सोशल मीडिया और सूचनाओं की विश्वसनीयता।
7. मीडिया और साहित्य समाज का आइना।
8. साहित्य और सोशल मीडिया का रिश्ता।
9. मीडिया का वर्तमान समाज पर प्रभाव।
10. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अखबार और पर्यावरण का संरक्षण।
11. मीडिया का सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव।
12. हिन्दी साहित्य के आधुनिक युग के उत्थान में पत्रकारिता का योगदान।
13. साहित्य के उत्थान में पत्रकारिता की भूमिका।
14. स्वाधीनता आन्दोलन में पत्रकारिता की भूमिका।
15. भारतीय संस्कृति के विकास में पत्रकारिता का योगदान।
16. व्यापार तथा वाणिज्य के विकास में पत्रकारिता की भूमिका।
17. औद्योगिकीकरण एवं आधुनिकीकरण के उत्थान में पत्रकारिता का योगदान।
18. ट्विटर, व्हाट्सऐप, ब्लॉग, इन्स्टाग्राम और इंटरनेट की साहित्य और समाज में उपादेयता।
19. सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रभाव से पठन -पाठन में कमी।
20. वैश्वीकरण एवं समाजीकरण के विकास में मीडिया की भूमिका।
21. दिव्यांगजन के जीवन में मीडिया की भूमिका।
22. नारी सशक्तीकरण एवं दलित विमर्श में मीडिया की भूमिका।
उपर्युक्त बिन्दुओं के अतिरिक्त भी किसी मिलते-जुलते विषय पर शोध पत्र/आलेख लिखा जा सकता है।

संगोष्ठी के बारे में ज्यादा जानकारी संगोष्ठी संरक्षक डॉ. विजय अदलखा (प्राचार्य), संगोष्ठी संयोजक डॉ. पुष्पा अंतिल (असोसिएट प्रोफेसर एवं प्रभारी, हिंदी विभाग) से मोबाइल नंबर 9654744800 पर, संगोष्ठी सहायक संयोजक डॉ. अमितेश बोकन (सहायक प्रोफेसर) से मोबाइल नंबर 9953903770, आयोजन सचिव डॉ. अशोक कुमार (सहायक प्रोफेसर) से मोबाइल नंबर 9811108079 पर ली जा सकती है।

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