अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘संजा लोकोत्सव 2019’ 14-15 सितंबर 2019 को उज्जैन में

प्रतिकल्पा संस्था की ओर से हर साल होने वाला संजा लोकोत्सव इस साल 14 सितम्बर से 22 सितंबर तक होगा। इसका आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर, संस्कृति संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन के सौजन्य से किया जा रहा है। संगोष्ठी का केन्द्र बिन्दु लोक और जनजातीय साहित्य एवं संस्कृति : सरोकार और संवेदनाएं और हिंदी (Concerns and Feelings in Folk and Tribal Literature and Culture and Hindi) विषय रखा गया है।
इस महत्त्वपूर्ण संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रख्यात मनीषी, संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार, समाजसेवी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, शोधकर्ता विशिष्ट व्याख्यान, शोध-आलेख प्रस्तुति देंगे और संवाद करेंगे।

पंजीयन शुल्क
प्राध्यापक/ शिक्षाविद् / वरिष्ठ लोक अध्येता वर्ग - रुपए 450
अतिथि शिक्षक/ शोधार्थी / विद्यार्थी वर्ग - रुपए 350

पंजीयन राशि PRATIKALPA SANSKRITIK SANSTHA को देय DENA BANK के A/C No. 055810027450 IFSC Code BKDN0810558 BRANCH - FREEGUNJ, UJJAIN में दिनांक 13 सितंबर 2019 तक नगद या ई- बैंकिंग द्वारा जमा करवा सकते हैं। उस पर अपना नाम और स्थान अवश्य दर्ज करें। प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय बैंक की रसीद दिखानी होगी।

शोध प्रस्तुति
शोध आलेख लोक भाषा मालवी, निमाड़ी, बुन्देली, बघेली, छत्तीसगढ़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, मारवाड़ी, हाड़ौती, अवधी, ब्रजी, कौरवी, मैथिली, भोजपुरी, हरियाणवी, हिमाचली, डोगरी, कश्मीरी, पंजाबी, सिंधी, गुजराती, मराठी, ओड़िया, कोंकणी, बांग्ला, असमिया, तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, तुळु, पूर्वोत्तर भारत आदि सहित देश - देशान्तर के विविध लोकांचलों के लोक साहित्य, लोक संस्कृति और परंपराओं को केंद्र में रख कर तैयार किए जा सकते हैं। इसी प्रकार विविध जनजातीय समुदायों, यथा भील, भिलाला, बारेला, संथाल, गोंड, मुंडा, खड़िया, हो, लेपचा, भूटिया, थारू, बोडो, गारो, खासी, नागा, कूकी, पारधी, गरासिया, मीणा, उरांव, बिरहोर, सहरिया, कोरकू, बैगा, परधान, मारिया, उरांव, अबूझमाड़िया, टोडा, कुरुम्बा आदि सहित देश-देशान्तर के मौखिक साहित्य, लोक संस्कृति और परम्पराओं के परिप्रेक्ष्य में आलेख तैयार किए जा सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय अन्तरानुशासनिक संगोष्ठी के प्रमुख विचारणीय विषय

  • लोक साहित्य: सरोकार और संवेदनाओं के परिप्रेक्ष्य में
  • जनजातीय साहित्य: सरोकार और संवेदनाएँ
  • लोक एवं जनजातीय नाट्य, नृत्य और संगीत रूप: सरोकार और संवेदनाएँ
  • लोक एवं जनजातीय चित्र, शिल्प और अन्य कलाभिव्यक्तियाँ: सरोकार और संवेदनाएँ
  • लोक एवं जनजातीय भाषाएँ: व्याकरणिक और भाषावैज्ञानिक अध्ययन
  • लोक एवं जनजातीय शब्द सम्पदा और शब्दकोश
  • राजभाषा और राष्ट्रभाषा हिंदी के विकास में लोक भाषाओं की भूमिका
  • लोक संस्कृति: सरोकार और संवेदनाएँ
  • जनजातीय संस्कृति: सरोकार और संवेदनाएँ
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य-संस्कृति: भूमंडलीकरण के संदर्भ में
  • तुलनात्मक लोक साहित्य और संस्कृति: सरोकार और संवेदनाएँ
  • तुलनात्मक जनजातीय साहित्य और संस्कृति: सरोकार और संवेदनाएँ
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य: परम्परा और इतिहास के सन्दर्भ में
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य और संस्कृति: समाज वैज्ञानिक अध्ययन
  • सरोकार और संवेदनाओं के परिप्रेक्ष्य में मालवा एवं अन्य अंचलों की विशिष्ट लोक परम्पराएँ, (यथा संजा, माच, हीड़, गणगौर, मांडणा, चित्रावण, छल्ला, पारसी आदि।)
  • सरोकार और संवेदनाओं के परिप्रेक्ष्य में लोक एवं जनजातीय संस्कृति
  • लोक और जनजातीय समुदाय : परम्परा और मौखिक इतिहास के सन्दर्भ में
  • लोक एवं जनजातीय ज्ञान - विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य और संस्कृति: परिवर्तन और विकास के परिप्रेक्ष्य में
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य और संस्कृति: धार्मिक, मूल्यपरक और दार्शनिक अध्ययन
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य, कला, संस्कृति और जीवन मूल्य
  • लोक एवं जनजातीय संस्कृति: परम्परा और मूल्य चेतना
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य: पारिस्थितिकीय अध्ययन
  • संवेदनाओं और मूल्यों के प्रसार में लोक एवं जनजातीय संस्कृति और परम्पराओं की भूमिका
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य और संस्कृति: खानपान, सौंदर्य प्रसाधन और जीवन-शैली के परिप्रेक्ष्य में
  • लोक और जनजातीय साहित्य एवं संस्कृति के साथ मीडिया का अन्तरावलम्बन
  • लोक और जनजातीय साहित्य एवं संस्कृति के प्रसार में मीडिया की भूमिका
  • लोक एवं जनजातीय साहित्य और संस्कृति : परम्परा और परिवर्तन
  • बाल लोक और जनजातीय साहित्य एवं संस्कृति के विविध आयाम
  • लोक और लोकप्रिय संस्कृति : सरोकार और संवेदनाएँ

इसी प्रकार अन्य प्रासंगिक विषय भी हो सकते हैं। आलेख वाचक किसी खास आयाम / लोकविधा / अंचल को लेकर शोध आलेख तैयार कर ईमेल / व्हाट्स एप के जरिए विषय, पंजीयन आदि के सम्बन्ध में यथाशीघ्र सूचित करें। विस्तृत शोध पत्र / शोध सार ईमेल द्वारा 13 सितंबर 2019 तक अवश्य प्रेषित करें : प्रो: शैलेंद्रकुमार शर्मा, मोबाइल 9826047765, Email - shailendrakumarsharma66@gmail.com और कुमार किशन, सचिव, प्रतिकल्पा, मोबा. 9407126842, Email - pratikalpaujjain@gmail.com

संगोष्ठी सत्र
स्थान : मध्यप्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान, भरतपुरी, देवास रोड, उज्जैन-(मध्यप्रदेश)

दि. 14 सितंबर 2019, शनिवार
पंजीयन दोपहर 2:30
उद्घाटन समारोह- दोपहर 3:00
प्रथम तकनीकी सत्र- अपराह्न 4:00

दि. 15 सितंबर 2019, रविवार
द्वितीय तकनीकी सत्र- प्रातः 10:30
भोजनावकाश – दोपहर 1: 30
तृतीय तकनीकी सत्र – दोपहर 2:00
समापन सत्र – सायंकाल 4:00

लोक सांस्कृतिक संध्या: मालवा के लोक नाट्य माच की प्रस्तुति

समय - सायं 7:30
स्थान : अभिव्यक्ति मंच, शहीद पार्क, फ्रीगंज, उज्जैन

आवास व्यवस्था

विशेष सूचना - संगोष्ठी में शामिल होने वाले शोधकर्ताओं के लिए सामूहिक आवास (डोरमेट्री) की निःशुल्क व्यवस्था दिनांक 14 सितंबर पूर्वाह्न से 15 सितंबर पूर्वाह्न तक रहेगी। इसके लिए अपने साथ फोटोयुक्त आई डी प्रूफ रखें। इस संबंध में दिनांक 10 सितंबर तक अपने आगमन की सूचना संस्था सचिव श्री कुमार किशन को व्हाट्सएप नम्बर 9407126842 के माध्यम से अवश्य दें।

इस संगोष्ठी के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए इनसे संपर्क कर सकते हैं -
मुख्य संयोजक - प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा, आचार्य, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन, मोबाइल- 9826047765, Email- shailendrakumarsharma66@gmail.com
डॉ जगदीश चंद्र शर्मा, हिंदी अध्ययनशाला, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन, मोबाइल - 9424892364
डॉ. भेरूलाल मालवीय, मोबाइल - 9630629563
कुमार किशन, सचिव, प्रतिकल्पा, मोबाइल - 9407126842, Email - pratikalpaujjain@gmail.com

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