महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में गोस्‍वामी तुलसीदास पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी

national hindi seminar

महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में गोस्‍वामी तुलसीदास पर दो दिवसीय राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी का आयोजन 7-8 अगस्त 2019 को किया गया। गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के उपलक्ष्य में हुई इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने की।

इस दौरान महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रजनीश कुमार शुक्ल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास परंपराओं के बीच समन्वय के कवि हैं। राम के प्रति उनकी भक्ति वैयक्तिक आनंद की भक्ति नहीं है। तुलसी के राम पूरी परम्परा में विशिष्ट हैं। तुलसी से महात्मा गांधी तक राम का स्वरूप करुणा का है। वे भारत की श्रेष्ठता के संपूर्ण कवि हैं।

इस अवसर पर प्रो. जंग बहादुर पाण्डे, डॉ. उमेश कुमार सिंह, प्रो. अखिलेश कुमार दुबे, प्रो. रामजी तिवारी आदि ने गोस्वामी तुलसीदास के समग्र जीवन पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल की ओर से प्रो. अवधेश कुमार ने ये भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय का साहित्य विद्यापीठ का भवन अब तुलसी भवन के रूप में जाना जाएगा।

इस अवसर पर सभागार में साहित्य विद्यापीठ की अधिष्ठाता प्रो. प्रीति सागर, संस्कृति विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी, प्रो. विष्णु कांत शुक्ल, प्रो. एम. शेषारत्नम (हैदराबाद), प्रो. जंग बहादुर पाण्डे, डॉ. रचना शर्मा, डॉ. रामानुज अस्थाना, डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी, डॉ. सुप्रिया पाठक, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अमरेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. संजय तिवारी, अभिषेक सिंह सहित कई शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामजी तिवारी, कार्यकारी कुलसचिव प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, प्रो. अखिलेश दुबे, डॉ. उमेश कुमार सिंह, जंग बहादुर पाण्डे, संगोष्ठी संयोजक प्रो. अवधेश कुमार, डॉ. यशवंत सिंह रघुवंशी मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. रूपेश कुमार सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अवधेश कुमार ने प्रस्तुत किया।

Leave a Reply